बेरोजगारी एवं आर्थिक तंगी में मिली राहत              

बेरोजगारी एवं आर्थिक तंगी में मिली राहत              

 दो वर्षों से निरंतर वैश्विक आपदा कोरोना वाइरस—कोविड 19—का कहर सम्पूर्ण देश विदेश के साथ साथ ग्रामीण दूरस्थ अंचलो मे निवासरत लोगो के जनजीवन पर भी पड़ा | इस दिशा मे छत्तीसगढ़ के जिला कबीरधाम में मार्च 2020 से लॉक डाउन होने के कारण घने जंगलों और पहाड़ों पर निवास करने वाले जनजाति समुदाय द्वारा निर्मित की जानी वाली वनोत्पाद झोरी, झौहा, बांस का पंखा, टोकरी वनोपज संकलन एवं उसके बिक्री के अलावा, समूहिक खेती के कार्य और अन्य वस्तुवों की बिक्री रुकने से  आय के साधन रुक गए साथ ही मनरेगा के कार्य से तत्कालीन मे कोई आर्थिक राहत नही मिल पा रही है, जिससे अधिकांश गाँव राशन भोजन की समस्या से जूझ रहे है।

कबीरधाम जिले के विकासखंड पंडरिया से लगभग 25 किलोमीटर दूरी पर ग्राम पंचायत माठपुर के ग्राम नागा नागा डबरा जर्जर कच्ची मार्ग पर जंगलो मे बंसा गाँव है जहाँ बैगा जनजाति समुदाय के लगभग 60 परिवार निवास करते है । 17 दिसंबर 2021 को मिशन संजीवनी के अंतर्गत सूखा राशन सामाग्री वितरण के दौरान बुध सिंग बैगा ने कहा "मेरे परिवार मे सिर्फ मै ही एक मात्र कमाने वाला हूँ, मेरे 4 और 6 वर्ष के दो बच्चे है, तथा मेरी पत्नी  बहुत कमजोर होने के कारण कुछ काम भी नही कर पाती। पिछले लॉक डाउन एवं कोरोना के कारण मेरा काम छूट गया और अभी तक मुझे कोई निरंतर काम नहीं मिला है, साथ ही तीन महीने से कोई आय का साधन नहीं होने से खाने की बहुत समस्या से गुजरना पड़ रहा था | ऐसे समय मे आपके संस्था द्वारा दिया गया राशन सामान मेरे परिवार के लिए बहुत बड़ा सहयोग है।"

इस दौरान बुध सिंग ने बताया की इस समय अत्यधिक ठंड के कारण कोई विशेष कार्य नहीं चल रहा है साथ ही वनोपज का कार्य भी दो दिन चलने के बाद बंद हो गया है और मजदूरी कार्य की राशि नहीं मिलने से दिन प्रति दिन स्थिति खराब होते जा रही है |  "हम सीमित भोजन से ही अपना जीवन चला रहे थे, कोई अन्य रोजगार भी नहीं मिल पा रहा है ऐसे समय मे मिशन संजीवनी द्वारा हमारे गाँव मे जहाँ आने जाने की सुविधा ठीक नहीं है वहां के परिवारों को पूरे एक महीने का राशन सामाग्री दिया गया यह सहयोग हमारे गाँव के गरीब परिवारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसके लिए हम ऑक्सफैम संस्था को धन्यवाद देते है।"

हमें भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा | गाँव मे खेती किसानी करने का समय होने के कारण कुछ परिवारों को जिनको राहत सामाग्री वितरण करना था वो परिवार घर पर नही होते थे जिससे वितरण प्रक्रिया मे विलंब लगता था ।अत्यधिक ठंड होने के कारण देर शाम तक वितरण करना बहुत ही चुनौतीपूर्ण था ।गाँव कच्ची और सकरी सड़क मार्ग मे बसे होने के  कारण स्टोरेज से गाँव तक जर्जर सड़क था | उस मार्ग से सामाग्री गाड़ी गाव तक नहीं पहुंच पायी जिससे पैदल चलकर हितग्राहियो को सूचना देना पड़ा ।

राहत सामाग्री वितरण के दौरान संबन्धित व्यक्तियों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत के तौर पर कुछ और जानकारी प्राप्त किया गया। ग्राम पंचायत माठपुर के ग्रामवासी लोमान सिंग बैगा ने राशन वितरण के दौरान कहा, "हम लोग वनोपज और खेती का कार्य करते है परंतु  लॉक डाऊन और कोरोना के पहले और दूसरे लहर के कारण वनोपज की बिक्री नहीं होने से आय का पर्याप्त साधन नहीं हो रहा है | ऐसे समय मे मिशन संजीवनी द्वारा दिया गया योगदान सहरानीय है और इस सहयोग से गाँव के 50 परिवार मे खुशी आ गयी है ।"

ग्राम नागा डबरा से बिरजू बैगा ने कहा, "कोरोना काल के दोनों वर्षों में और लॉक डाऊन के इतने लंबे समय मे हमारे गाँव मे इस प्रकार महीने भर के लिए राशन और सफाई सुरक्षा का इतना बड़ा सहयोग हमें नहीं मिल पाया था । ऑक्सफैम द्वारा जो 50 परिवारों को सूखा राशन देने का  सराहनीय प्रयास किया गया उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"   

ऑक्सफैम इंडिया के मिशन संजीवनी द्वारा इन दो गाँवों— नागा डबरा और माठपुर— में 100 परिवारों को राहत सामग्री दिया गया |

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